हॉकी

बिहार के 4 खिलाड़ियों का जलवा, एशिया कप कैंप में पहली बार दिखा दम

Under-18 Asia Cup Hockey 2026 कैंप में बिहार के 4 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। पहली बार राज्य के मूल निवासी खिलाड़ियों को इस स्तर पर मौका मिला है। यह चयन बिहार हॉकी और उभरती खेल प्रतिभा के लिए बड़ा संकेत है।

अंडर-18 एशिया कप हॉकी 2026 की तैयारियां अब तेज हो चुकी हैं। यह टूर्नामेंट 29 मई से 06 जून तक जापान के काकामीगाहारा में खेला जाएगा। इसी के लिए सब जूनियर भारतीय महिला और पुरुष हॉकी टीम का कोचिंग कैंप 19 से 25 अप्रैल 2026 तक भोपाल के साई सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप में देशभर के उभरते खिलाड़ियों को मौका दिया गया है, जिसमें बिहार के खिलाड़ियों की भागीदारी खास चर्चा का विषय बन गई है।

बिहार के 4 खिलाड़ियों का चयन
इस कैंप के लिए बिहार से कुल 4 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। पुरुष वर्ग में सावन कुमार और अभय शाह को जगह मिली है, जबकि महिला वर्ग में शिवानी और रुपम को चुना गया है। यह चयन बिहार के खेल इतिहास के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार राज्य के मूल निवासी खिलाड़ियों को इस स्तर के राष्ट्रीय कैंप में मौका मिला है।

अधिकारियों ने जताई खुशी
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि पहले भी खिलाड़ी इंडिया कैंप में जाते थे, लेकिन वे बिहार के मूल निवासी नहीं होते थे। इस बार चार खिलाड़ियों का चयन यह दिखाता है कि राज्य में खेल प्रतिभा तेजी से उभर रही है और सही दिशा में काम हो रहा है।

भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत
उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में बिहार के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। सरकार भी खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपनी प्रतिभा को पूरी तरह निखार सकें।

कैंप का महत्व
भोपाल में होने वाला यह कैंप खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। यहां उन्हें उच्च स्तर की ट्रेनिंग, फिटनेस सेशन और रणनीतिक तैयारी का मौका मिलेगा। इस दौरान कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्किल्स को और बेहतर बनाने पर काम करेगा, जिससे वे एशिया कप जैसे बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर सकें।

बिहार के लिए नई उम्मीद
इस चयन ने बिहार के खेल जगत में नई उम्मीद जगा दी है। युवा खिलाड़ियों को अब यह विश्वास मिल रहा है कि मेहनत के दम पर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा जा सकता है। अगर यही प्रदर्शन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार हॉकी में एक मजबूत पहचान बना सकता है और देश को कई बड़े खिलाड़ी दे सकता है।

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