
जालंधर में हॉकी का महाकुंभ: जूनियर पुरुष चैंपियनशिप में 30 टीमें नए डिवीजन प्रारूप में भिड़ेंगी
जालंधर में जूनियर पुरुष हॉकी चैंपियनशिप की शुरुआत नए डिवीजन प्रारूप में हो रही है। 30 टीमें तीन डिवीजनों में बंटी हैं। यह प्रणाली प्रदर्शन आधारित प्रमोशन-रिलेगेशन पर आधारित है, जो युवा खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी अनुभव देगी।
हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप का रोमांच मंगलवार से जालंधर में शुरू होगा. इस बार प्रतियोगिता में 30 टीमें हिस्सा ले रही हैं और यह मुकाबला पहली बार नए डिवीजन आधारित प्रारूप में खेला जाएगा. यह वही प्रारूप है, जिसे इस साल की शुरुआत में सीनियर, सब-जूनियर पुरुष, महिला और जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनाया गया था.
तीन डिवीजनों में बंटी टीमें
टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों को डिवीजन ‘A’, डिवीजन ‘B’ और डिवीजन ‘C’ में बांटा गया है. इस सिस्टम के तहत टीमें अपने प्रदर्शन के आधार पर अगले सीजन में ऊपरी डिवीजन में जगह बना सकती हैं या निचले डिवीजन में खिसक सकती हैं. डिवीजन ‘A’ में देश की 12 सर्वश्रेष्ठ जूनियर टीमें खेलेंगी, जिनमें गत विजेता पंजाब, उपविजेता उत्तर प्रदेश और तीसरे स्थान पर रही हरियाणा भी शामिल हैं.
कार्यक्रम और मैच शेड्यूल
डिवीजन ‘A’ के पूल मैच 16 अगस्त से शुरू होंगे, जबकि 20 से 23 अगस्त तक क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल खेले जाएंगे. डिवीजन ‘B’ में केवल लीग मुकाबले होंगे, जो 12 से 16 अगस्त तक चलेंगे. इसमें शीर्ष दो टीमें अगले साल डिवीजन ‘A’ में प्रमोट होंगी, जबकि अंतिम दो टीमें डिवीजन ‘C’ में चली जाएंगी.
डिवीजन ‘C’ की जंग
डिवीजन ‘C’ में मुकाबले लीग प्रारूप में होंगे और टीमों को चार-चार टीमों के दो पूल में बांटा गया है. यहां से शीर्ष दो टीमें अगले सीजन में डिवीजन ‘B’ में प्रवेश करेंगी. यह स्तर उन टीमों के लिए अवसर है जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहती हैं.
अध्यक्ष का बयान
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, “जूनियर टूर्नामेंट भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए बेहद अहम हैं. इस प्रारूप से युवा खिलाड़ियों को अलग स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा, जिससे उनका खेल और बेहतर होगा.”
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