
संघर्षों की राख से निकला सितारा – कृष्ण पाठक ने पूरे किए 150 इंटरनेशनल मैच
भारतीय हॉकी गोलकीपर कृष्ण पाठक ने 150 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए हैं। संघर्षों से भरे जीवन के बाद यह उपलब्धि उन्हें प्रेरणादायक बनाती है। जापान के खिलाफ एशिया कप में उतरते ही उन्होंने इतिहास रच दिया।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने रविवार को अपने करियर की सबसे खास उपलब्धि हासिल कर ली. बिहार के राजगीर हॉकी स्टेडियम में जापान के खिलाफ एशिया कप 2025 मैच में उतरते ही उन्होंने 150 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में जगह बना ली.
संघर्षों से निकला सितारा
कृष्ण पाठक की यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्षों पर जीत का प्रतीक भी है. बेहद कम उम्र में माता-पिता को खोने वाले पाठक का बचपन कठिनाइयों से भरा रहा. 12 साल की उम्र में मां को खोने के बाद 2016 जूनियर विश्व कप से कुछ महीने पहले पिता भी चल बसे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हॉकी को अपनी जिंदगी का सहारा बनाया.
सुरजीत अकादमी से टीम इंडिया तक
जालंधर की सुरजीत हॉकी अकादमी से ट्रेनिंग लेने वाले कृष्ण ने अपने खेल से जल्दी ही पहचान बनाई. साल 2016 एफआईएच जूनियर विश्व कप में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने पहला बड़ा मंच हासिल किया. जनवरी 2018 में जापान के खिलाफ चार देशों के टूर्नामेंट में डेब्यू करने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
कामयाबी की लंबी लिस्ट
पिछले कुछ वर्षों में पाठक भारत की जीत के अहम हिस्से बने. 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी, 2022 एशियाई खेलों का स्वर्ण, 2023 और 2024 की लगातार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी—हर सफलता में उनका योगदान रहा. 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स का सिल्वर मेडल और एफआईएच प्रो लीग में भारत की मजबूत मौजूदगी भी उनकी गवाही देती है.
पुरस्कार और पहचान
कृष्ण पाठक की प्रतिभा को खेल जगत ने खूब सराहा. उन्हें 2019 और 2022 में “गोलकीपर ऑफ द ईयर” का बलजीत सिंह पुरस्कार मिला और 2024 में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया. पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद वह भारत के पहले पसंदीदा गोलकीपर बन गए.
सपना जीने का अहसास
28 वर्षीय कृष्ण पाठक का कहना है कि हॉकी ने ही उन्हें पहचान और जीवन का मकसद दिया. खुद को “अनाथ” बताने वाले पाठक आज कहते हैं—”मैं अपना सपना जी रहा हूं और देश के लिए खेल रहा हूं, यही मेरी सबसे बड़ी संतुष्टि है.” संघर्षों से निकले इस खिलाड़ी ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि लाखों युवाओं को प्रेरणा भी दी.
W88 Sports News




