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ओलंपिक मेडलिस्ट पर गिरी WFI की गाज! आखिर क्यों कुश्ती से एक साल का बैन झेल रहे अमन सेहरावत?

ओलंपिक मेडलिस्ट अमन सेहरावत को WFI ने वजन सीमा के उल्लंघन के कारण एक साल का बैन दिया है। 1.7 किलो अधिक वजन पाए जाने पर उन्हें सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप से अयोग्य करार दिया गया।

भारत के स्टार रेसलर अमन सेहरावत, जिन्होंने हाल ही में पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था, अब विवादों में घिर गए हैं. सेहरावत को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने एक साल के लिए बैन कर दिया है. वजह? उनकी वजन सीमा से अधिक वजन, जिसने उन्हें सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित करा दिया.

वजन सीमा से 1.7 किलो ज्यादा, बड़ी चूक!
22 वर्षीय अमन सेहरावत पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती के 57 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं. मगर वर्ल्ड चैंपियनशिप के दिन, उनका वजन निर्धारित सीमा से 1.7 किलो अधिक पाया गया. नियमों के मुताबिक यह गंभीर उल्लंघन है, जिसके बाद उन्हें न केवल उस टूर्नामेंट से बाहर किया गया, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन भी झेलना पड़ा.

WFI का सख्त फैसला
WFI ने सेहरावत को 23 सितंबर 2025 को एक पत्र भेजा था, जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था कि आखिर वजन में यह गड़बड़ी कैसे हुई. अमन ने 29 सितंबर को अपना जवाब भी भेजा, लेकिन WFI की अनुशासन समिति उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई. जांच में कोचिंग स्टाफ से भी बयान लिए गए, और अंततः समिति ने अमन के स्पष्टीकरण को “असंतोषजनक” मानते हुए एक साल का निलंबन तय कर दिया.

22 सितंबर 2026 तक कुश्ती से दूर
WFI ने साफ कहा है कि अमन सेहरावत को 22 सितंबर 2026 तक किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, ट्रेनिंग कैंप, या महासंघ से जुड़ी गतिविधि में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी. इस फैसले के साथ WFI ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय अंतिम है और इसमें किसी प्रकार की अपील नहीं की जा सकती.

आखिर क्या है असली वजह?
कुश्ती जगत में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि वजन प्रबंधन पहलवानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है, और जरा सी लापरवाही करियर पर भारी पड़ सकती है. अमन जैसे ओलंपिक मेडलिस्ट के लिए यह बैन एक बड़ा झटका है—सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि भारतीय कुश्ती के लिए भी, जो हाल के वर्षों में लगातार नई ऊंचाइयां छू रही थी.

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