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भारत में अटका फीफा वर्ल्ड कप 2026, सस्ते राइट्स के बावजूद नहीं मिल रहा ब्रॉडकास्टर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के भारत में ब्रॉडकास्ट राइट्स संकट में हैं। कीमत घटने के बावजूद टाइमिंग और कमजोर विज्ञापन बाजार के कारण कोई ब्रॉडकास्टर सामने नहीं आया, जिससे टूर्नामेंट की स्ट्रीमिंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर भारत में बड़ा ब्रॉडकास्टिंग संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए अब तक कोई भी बड़ा ब्रॉडकास्टर सामने नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फीफा ने मीडिया राइट्स की कीमत करीब 65 प्रतिशत तक घटाकर 100 मिलियन डॉलर से 35 मिलियन डॉलर कर दी है, लेकिन इसके बावजूद कोई कंपनी तैयार नहीं है।

टाइमिंग बनी सबसे बड़ी बाधा
इस बार वर्ल्ड कप उत्तरी अमेरिका में होने के कारण भारत में मैच रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच प्रसारित होंगे। इस समय स्लॉट का सीधा असर टीवी और डिजिटल व्यूअरशिप पर पड़ सकता है, जिससे विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी भी कम हो गई है।

कमजोर विज्ञापन बाजार का असर
भारत में फुटबॉल का विज्ञापन बाजार क्रिकेट जितना मजबूत नहीं है। इसके अलावा रियल मनी गेमिंग सेक्टर पर लगे प्रतिबंध के कारण स्पॉन्सरशिप बजट भी घटा है। यही वजह है कि बड़ी मीडिया कंपनियां इस बार निवेश करने से बच रही हैं।

बड़ी कंपनियां भी पीछे हटीं
वायकॉम18 और स्टार इंडिया के मर्जर से बनी जियोस्टार इस समय बाजार में सबसे बड़ी कंपनी है, लेकिन उसकी वैल्यूएशन फीफा की मांग से कम बताई जा रही है। सोनी जैसे अन्य विकल्प भी मौजूद हैं, लेकिन अभी तक किसी ने ठोस रुचि नहीं दिखाई है।

FIFA+ बन सकता है विकल्प
अगर कोई ब्रॉडकास्टर सामने नहीं आता है, तो फीफा अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म FIFA+ पर मैच स्ट्रीम कर सकता है। हालांकि, बाद में किसी डील की संभावना भी बनी हुई है।

बदल सकता है देखने का तरीका
फीफा वर्ल्ड कप 2022 में भारत में अच्छी व्यूअरशिप मिली थी, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। यह मामला साफ दिखाता है कि सिर्फ लोकप्रियता नहीं, बल्कि टाइमिंग, विज्ञापन और बाजार की स्थिति भी बड़े फैसलों को प्रभावित करती है। अब नजर इस बात पर है कि क्या फीफा अपनी कीमत और कम करेगा या भारत में वर्ल्ड कप देखने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

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