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ईरान में खिलाड़ियों पर खतरा, राष्ट्रगान विवाद के बाद लौटीं महिला फुटबॉलर, क्या सुरक्षित हैं उनकी जिंदगी

ईरान में राष्ट्रगान विवाद के बाद महिला फुटबॉल खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। दो खिलाड़ियों ने विदेश में शरण ली, जबकि बाकी टीम लौट आई। हालात को लेकर अनिश्चितता बनी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।

ईरान में हालात इस समय बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक ओर 19 साल के पहलवान को मौत की सजा दिए जाने की खबर ने लोगों को झकझोर दिया है, तो दूसरी ओर महिला फुटबॉल टीम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से लौटने के बाद इन खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। दुनिया भर के लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इन खिलाड़ियों के साथ आगे क्या होगा और क्या वे सुरक्षित रह पाएंगी।

राष्ट्रगान के दौरान खामोशी बनी वजह
ऑस्ट्रेलिया में खेले गए मुकाबले के दौरान ईरानी महिला टीम की खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान के समय चुप रहकर विरोध जताया था। इस कदम को सरकार के खिलाफ एक संकेत के तौर पर देखा गया। हालांकि अगले मैच में खिलाड़ियों ने राष्ट्रगान गाया, जिससे यह अंदाजा लगाया गया कि उन पर दबाव बनाया गया होगा। इस घटना के बाद सरकारी मीडिया ने इसे देश के खिलाफ कदम बताया और खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप लगाए गए।

दो खिलाड़ियों ने मांगी शरण
पूरी टीम में से दो खिलाड़ियों ने सुरक्षा कारणों से ऑस्ट्रेलिया में ही रहने का फैसला किया और वहां शरण मांगी। उन्हें मानवीय आधार पर रहने की अनुमति भी मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ अन्य खिलाड़ी भी ऐसा करना चाहती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। माना जा रहा है कि उनके परिवारों पर दबाव डाला गया, जिसके कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

वापसी पर मिला भव्य स्वागत
ईरान लौटने पर खिलाड़ियों का स्वागत बड़े स्तर पर किया गया। सीमा पर फूलों और लाल कालीन के साथ उनका स्वागत हुआ और अधिकारियों ने उनके प्रदर्शन की तारीफ की। राजधानी में भी उनके सम्मान में कार्यक्रम की योजना बनाई गई है। हालांकि कई जानकार इसे सिर्फ दिखावा मान रहे हैं और मानते हैं कि असल स्थिति इससे अलग हो सकती है।

हालिया घटनाओं से बढ़ा डर
हाल ही में एक पहलवान को विरोध से जुड़े मामले में सजा दिए जाने के बाद डर और बढ़ गया है। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि खिलाड़ियों के साथ भी सख्ती हो सकती है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माहौल को देखते हुए आशंका बनी हुई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है।

भविष्य को लेकर बनी हुई है अनिश्चितता
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन खिलाड़ियों का भविष्य क्या होगा। क्या वे सुरक्षित रह पाएंगी या फिर उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस पूरे मामले ने खेल और राजनीति के बीच के संबंध को भी उजागर किया है। दुनिया भर की नजर अब ईरान पर टिकी हुई है और सभी को इस बात का इंतजार है कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है।

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