
तीन साल बाद वापसी: चेन्नई ओपन WTA 250 टूर्नामेंट फिर से टेनिस प्रेमियों के लिए तैयार
भारत एक बार फिर महिला टेनिस के बड़े आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है. तीन साल के अंतराल के बाद चेन्नई ओपन WTA 250 टूर्नामेंट की वापसी की आधिकारिक घोषणा तमिलनाडु टेनिस एसोसिएशन (TNTA) ने की है. यह बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से शुरू होगा और इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला टेनिस खिलाड़ी भाग लेंगी.
2022 में हुई थी आखिरी मेज़बानी, चेक खिलाड़ी ने जीता था खिताब
चेन्नई ओपन आखिरी बार 2022 में WTA कैलेंडर का हिस्सा बना था. उस साल चेक गणराज्य की लिंडा फ्रुहविर्तोवा ने सिंगल्स खिताब अपने नाम किया था. यह टूर्नामेंट भारत के लिए ऐतिहासिक था क्योंकि 2008 के बाद यह पहला WTA-स्तरीय आयोजन था, जिसे चेन्नई के नुंगमबक्कम स्थित SDAT टेनिस स्टेडियम में आयोजित किया गया था.
विजय अमृतराज की अगुवाई और सरकार का समर्थन
TNTA के अध्यक्ष और पूर्व टेनिस स्टार विजय अमृतराज ने टूर्नामेंट की वापसी को “एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन” बताते हुए खुशी जताई. उन्होंने इस आयोजन को संभव बनाने में तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण (SDAT) के समर्थन को निर्णायक बताया. टूर्नामेंट का प्रसारण एक बड़े खेल चैनल पर किया जाएगा जिससे देशभर में इसकी पहुंच बनेगी.
प्रतिस्पर्धा, पुरस्कार और स्थानीय जुनून का संगम
2022 की तरह ही इस बार भी टूर्नामेंट में 32-खिलाड़ी सिंगल्स ड्रॉ और 16-टीम डबल्स ड्रॉ शामिल होंगे. कुल पुरस्कार राशि लगभग 2,50,000 अमेरिकी डॉलर होगी. पिछली बार की तरह इस बार भी आयोजकों को स्थानीय समर्थन की उम्मीद है. दर्शकों की वापसी से टेनिस के प्रति चेन्नई की दीवानगी फिर उभर सकती है.
महिला टेनिस को मिलेगा नया मंच
चेन्नई ओपन की वापसी न सिर्फ भारतीय महिला टेनिस को नया मंच देगी बल्कि उभरती खिलाड़ियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय अनुभव का अवसर प्रदान करेगी. इस आयोजन के ज़रिए भारत एक बार फिर WTA कैलेंडर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा.




