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भारतीय महिला हॉकी में बड़ा उलटफेर, पुराने चेहरे की वापसी, कोच बदले तो बदलेगी टीम की दिशा?

भारतीय महिला हॉकी टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। सोर्ड मारिन की हेड कोच के रूप में वापसी से टीम को नई दिशा और स्थिरता मिलने की उम्मीद है, खासकर ओलंपिक चक्र को देखते हुए।

भारतीय महिला हॉकी टीम को एक बार फिर अनुभवी विदेशी कोच का साथ मिला है। हॉकी इंडिया ने नीदरलैंड्स के पूर्व हॉकी खिलाड़ी सोर्ड मारिन को टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। मारिन दूसरी बार इस भूमिका में लौटे हैं। इससे पहले उनके कार्यकाल में भारतीय महिला टीम ने टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान हासिल कर इतिहास रचा था। उनकी वापसी को टीम के लिए बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

हरेंद्र सिंह की विदाई, नए कोच की एंट्री
सोर्ड मारिन को हरेंद्र सिंह की जगह मुख्य कोच बनाया गया है। हरेंद्र सिंह को हालिया समय में टीम के कमजोर प्रदर्शन और कोचिंग में मनमानी के आरोपों के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। लगातार आलोचना के बीच हॉकी इंडिया ने बड़ा फैसला लेते हुए पुराने भरोसेमंद चेहरे को दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब टीम को स्थिरता और स्पष्ट दिशा की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी।

कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा बदलाव
मारिन के साथ कोचिंग सेटअप में भी नए और पुराने नाम जुड़े हैं। उनके सपोर्ट स्टाफ में मटियास विला को एनालिटिकल कोच बनाया गया है, जो डेटा और परफॉर्मेंस एनालिसिस पर काम करेंगे। इसके अलावा वेन लोम्बार्ड की भी वापसी हुई है, जिन्हें साइंटिफिक एडवाइजर और एथलेटिक परफॉर्मेंस हेड की जिम्मेदारी दी गई है। हॉकी इंडिया का मानना है कि यह पूरा सपोर्ट सिस्टम खिलाड़ियों की फिटनेस और प्रदर्शन को नई ऊंचाई देगा।

पहले बदला था टीम का रवैया
सोर्ड मारिन को भारतीय महिला हॉकी टीम का एटीट्यूड बदलने का श्रेय दिया जाता है। उनके पहले कार्यकाल में टीम में एकजुटता और आपसी भरोसा देखने को मिला था। खिलाड़ी एक-दूसरे की सफलता में खुशी महसूस करते थे। उसी दौर में भारत महिला हॉकी वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-10 में पहुंचा था। टोक्यो ओलंपिक के बाद मारिन पारिवारिक कारणों से पद छोड़कर चले गए थे, लेकिन अब साढ़े चार साल बाद नई ऊर्जा और साफ विजन के साथ उनकी वापसी हुई है।

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