
सपनों जैसी शुरुआत, दर्दनाक अंत – एशिया कप फाइनल में भारत की हार की पूरी कहानी
महिला एशिया कप हॉकी 2025 फाइनल में भारत ने शानदार शुरुआत की, लेकिन चीन ने पलटवार कर 4-1 से जीत दर्ज की. भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, मगर फाइनल में डिफेंस टूटने से हार मिली.
महिला एशिया कप हॉकी 2025 के फाइनल में भारतीय टीम ने सपनों जैसा आगाज़ किया. मैच शुरू होते ही पहले ही मिनट में टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला. अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने जोरदार ड्रैग फ्लिक लगाकर गोल दागा और भारत को बढ़त दिला दी. इस गोल से स्टेडियम में मौजूद भारतीय दर्शकों का जोश चरम पर पहुंच गया.
चीन का पलटवार और स्कोर बराबर
गोल खाने के बाद मेजबान चीन ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ा दी. पहले क्वार्टर में भारतीय डिफेंस ने बेहतरीन काम किया. सुनेलिता टॉप्पो का गोललाइन ब्लॉक और गोलकीपर बिचू देवी के शानदार बचावों ने टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की. लेकिन दूसरे क्वार्टर में दबाव ज्यादा बढ़ गया और 21वें मिनट में चीन की कप्तान ओउ जिक्सिया ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया. हाफ टाइम तक मुकाबला बराबरी पर रहा.
तीसरे क्वार्टर में मिस्ड मौके
हाफ टाइम के बाद भारत ने आक्रामक अंदाज़ अपनाया और कई बार सर्कल में एंट्री की. 40वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन कन्वर्शन न हो सका. इसी मौके का फायदा उठाते हुए चीन ने तेज काउंटर अटैक किया. ली होंग ने शानदार बैक-हैंडेड शॉट लगाकर स्कोर 2-1 कर दिया और भारत पर दबाव बढ़ गया.
चौथे क्वार्टर में चीन का दबदबा
आखिरी क्वार्टर में चीन ने खेल पर पूरी तरह कब्जा कर लिया. 51वें मिनट में जोउ मेइरोंग ने सटीक फिनिश से तीसरा गोल किया. सिर्फ दो मिनट बाद झोंग जियाकी ने दाहिने फ्लैंक से सोलो रन लगाते हुए चौथा गोल दाग दिया. इन लगातार गोलों ने भारत की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया.
सम्मानजनक सफर, लेकिन कड़वा अंत
हालांकि भारतीय टीम का सफर फाइनल तक बेहद शानदार रहा, लेकिन आखिरी 15 मिनट में डिफेंस टूटने से सपना चकनाचूर हो गया. भारत को अब ब्रॉन्ज की बजाय सिल्वर से संतोष करना पड़ा.
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