SAFC

फीफा रैंकिंग में गिरावट के बीच आई राहत की खबर, बंद होने की कगार से लौटी भारतीय फुटबॉल लीग

फीफा रैंकिंग में गिरावट के बीच भारतीय फुटबॉल को राहत मिली है। सरकार के हस्तक्षेप से Indian Super League की वापसी तय हुई। 14 फरवरी से नया सत्र शुरू होगा और क्लब फुटबॉल फिर पटरी पर लौटेगा।

भारतीय फुटबॉल इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। पुरुष फुटबॉल टीम की फीफा रैंकिंग एक सौ बयालिस और महिला टीम की रैंकिंग सड़सठ तक पहुंच चुकी है। यह स्थिति बताती है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की फुटबॉल हालत कितनी कमजोर हो चुकी है। इसी बीच क्लब फुटबॉल के बंद होने की आशंका ने खिलाड़ियों और प्रशंसकों की चिंता और बढ़ा दी थी। कई खिलाड़ी सोशल मीडिया के जरिए सरकार से मदद की गुहार लगाने लगे। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद और प्रशासनिक अड़चनों के कारण भारतीय फुटबॉल पूरी तरह ठहर सा गया था। लेकिन अब महीनों की अनिश्चितता के बाद फुटबॉल प्रेमियों के लिए राहत की खबर सामने आई है।

सरकार की दखल से मिली नई शुरुआत की तारीख
सरकार के हस्तक्षेप के बाद भारतीय सुपर लीग को आखिरकार नई शुरुआत की तारीख मिल गई है। चौदह फरवरी से भारतीय सुपर लीग के दो हजार छब्बीस सत्र की शुरुआत होगी। यह फैसला खेल मंत्रालय अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ और सभी चौदह भाग लेने वाले क्लबों के प्रतिनिधियों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में भारतीय फुटबॉल को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक साझा सहमति बनी। सरकार की मदद से यह साफ हो गया कि लीग अब बंद नहीं होगी और देश में क्लब फुटबॉल दोबारा शुरू होगा। इस फैसले से खिलाड़ियों से लेकर प्रशंसकों तक सभी ने राहत की सांस ली है।

परंपरागत क्लबों से लेकर नए नाम तक हुए शामिल
इस अहम बैठक में भारतीय फुटबॉल के सभी बड़े नाम शामिल हुए। मोहन बागान ईस्ट बंगाल और मोहम्मडन स्पोर्टिंग जैसे ऐतिहासिक क्लबों के साथ साथ मुंबई सिटी बेंगलुरु गोवा केरल चेन्नई दिल्ली पंजाब नॉर्थईस्ट यूनाइटेड जमशेदपुर ओडिशा और इंटर काशी जैसे क्लब भी मौजूद रहे। सभी पक्षों ने मिलकर फुटबॉल को दोबारा शुरू करने के लिए एक रोडमैप पर सहमति जताई। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने साफ कहा कि कानूनी अनिश्चितता ही देरी की सबसे बड़ी वजह थी और अब उस पर विराम लग गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी क्लब इस सत्र में भाग लेंगे।

पूरा ढांचा तय, खर्च की सीमा और लीग का स्वरूप साफ
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बताया कि लीग के संचालन के लिए एक संचालन परिषद का गठन किया जाएगा। भारतीय सुपर लीग में चौदह टीमें हिस्सा लेंगी और कुल इक्यानबे मैच घरेलू और बाहरी मैदान के आधार पर खेले जाएंगे। साथ ही आई लीग में ग्यारह टीमों के बीच पचपन मैच होंगे। खर्च को नियंत्रित करने के लिए पच्चीस करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है। इसमें महासंघ क्लब और व्यावसायिक साझेदार मिलकर खर्च उठाएंगे। महिला फुटबॉल लीग का पूरा खर्च महासंघ वहन करेगा। यह फैसला भारतीय फुटबॉल के लिए नई उम्मीद लेकर आया है और अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मैदान पर इसका असर कब दिखता है।

W88 Sports News