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ISL संकट पर जॉन अब्राहम का फूटा गुस्सा, भारतीय फुटबॉल को कह डाला ये सबकुछ !

ISL निलंबन पर जॉन अब्राहम का गुस्सा फूट पड़ा। खिलाड़ियों की FIFA से अपील के बीच उन्होंने भारतीय फुटबॉल सिस्टम पर सवाल उठाए। AIFF की भूमिका, लीग संकट और भविष्य की अनिश्चितता अब खुली बहस बन चुकी है।

भारतीय फुटबॉल इस वक्त अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है और इस पर अब फिल्म अभिनेता व नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के सह-मालिक John Abraham ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। ISL के निलंबन को लेकर वरिष्ठ खिलाड़ियों की FIFA से अपील वाले वीडियो को साझा करते हुए जॉन अब्राहम ने लिखा, “शर्म आनी चाहिए… हम यहां तक कैसे पहुंच गए।” उनका यह बयान उस वक्त आया है जब 2025-26 इंडियन सुपर लीग सीजन अब तक शुरू नहीं हो सका है। जॉन का यह रिएक्शन सिर्फ एक क्लब मालिक का नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल से जुड़े एक गहरे दर्द को भी दर्शाता है, जो अब सार्वजनिक बहस बन चुका है।

खिलाड़ियों की FIFA से सीधी गुहार
शुक्रवार को भारत के दिग्गज फुटबॉलरों ने एकजुट होकर FIFA से हस्तक्षेप की अपील की। इस वीडियो संदेश में Sunil Chhetri, Gurpreet Singh Sandhu और Sandesh Jhingan जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों ने कहा कि जनवरी का महीना चल रहा है और इस वक्त उन्हें ISL में खेलते हुए टीवी स्क्रीन पर होना चाहिए था, लेकिन हालात ऐसे हैं कि डर और अनिश्चितता में उन्हें यह अपील करनी पड़ रही है। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो भारतीय फुटबॉल स्थायी ठहराव की ओर बढ़ सकता है।

AIFF पर उठे गंभीर सवाल
खिलाड़ियों ने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा हालात में All India Football Federation अपनी जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं दिख रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह एक खेल, मानवीय और आर्थिक संकट है। खिलाड़ियों का कहना था कि वे सिर्फ फुटबॉल खेलना चाहते हैं और इसके लिए उन्हें सुरक्षा, स्पष्टता और भविष्य चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संदेश स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख तक पहुंचेगा और FIFA भारतीय फुटबॉल को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इस अपील ने देश के फुटबॉल सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ISL ठप होने की असली वजह
2025-26 ISL सीजन जुलाई से ही अनिश्चितता में है। इसकी मुख्य वजह Football Sports Development Limited और AIFF के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट का नवीनीकरण न होना है, जो 8 दिसंबर को समाप्त हो गया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट की निगरानी में टेंडर जारी हुआ, लेकिन कोई बोलीदाता सामने नहीं आया। इस बीच 14 में से 13 क्लबों ने AIFF को बताया कि वे बिना भागीदारी शुल्क और सीमित टूर्नामेंट की शर्त पर खेलने को तैयार हैं। AIFF ने अब कहा है कि लीग का आयोजन वही करेगा और अगले हफ्ते शुरुआत की तारीख घोषित की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 फरवरी से सीजन शुरू हो सकता है, लेकिन तब तक भारतीय फुटबॉल असमंजस और इंतजार की स्थिति में ही बना हुआ है।

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