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ईशा ग्रामोत्सव 2025 की हुई शुरुआत, सचिन, सहवाग से लेकर तमाम दिग्गज कर चुके इवेंट का सपोर्ट

खेलों का महत्व व्यक्ति के व्यक्तित्व से लेकर उनके सोचने के तरीके पर भी पड़ता है। खेल के माध्यम से युवा सशक्त बनें और समाज में पॉजिटिव बदलाव आए, इसी उद्देश्य के साथ ईशा ग्रामोत्सव की शुरुआत की जा रही है। इस बार इस इवेंट की खास बात ये है कि इसका मकसद 30 हजार से ज्यादा गांवों तक पहुंचना है।

ईशा ग्रामोत्सव 2025 की हुई शुरुआत

ईशा ग्रामोत्सव 2025 का आयोजन इस बार काफी बड़े लेवल के साथ किया जा रहा है। ये महोत्सव आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, पुड्डुचेरी के साथ ही पहली बार ओडिशा के 35,000 से अधिक गांवों तक पहुंचने वाला है। ईशा ग्रामोत्सव 2025 के आयोजन का मकसद ग्रामीण युवाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाना है, ताकि समाज में पॉजिटिव बदलाव आ सके।

ईशा ग्रामोत्सव 2025 में 50 हजार खिलाड़ी करेंगे पार्टिसिपेट

ईशा ग्रामोत्सव 2025 की शुरुआत 1 अगस्त से हुई है। हम जानते हैं कि ईशा फाउंडेशन सदगुरु द्वारा स्थापित किया गया है। साथ ही ईशा ग्रामोत्सव भी उनकी कल्पना शक्ति का परिणाम है। इस बार ईशा ग्रामोत्सव 2025 में 50 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं। इन खिलाड़ियों में 5 हजार से ज्यादा महिलाएं होगी।

महोत्सव में कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, फुटबॉल जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सेलेक्ट की गई टीमें राज्य और नेशनल स्तर तक पहुंचेंगी। 21 सितंबर 2025 को तमिलनाडु में भव्य समापन होगा। प्रतिभागियों के लिए कुल 67 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है, जिसमें पुरुषों और महिलाओं दोनों को बराबरी का अवसर मिलेगा।

क्या है ईशा फाउंडेशन का उद्देश्य

सदगुरु द्वारा स्थापित ईशा फाउंडेशन का उद्देश्य खेलों के माध्यम से लोगों को जीवन की ऊर्जा और उत्साह से जोड़ना है। ये आयोजन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन, संस्कृति और सामूहिकता का उत्सव भी है। इसमें नाट्यकला, लोक संगीत, पारंपरिक खेल, सिलंबम, कुश्ती जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं। इसका आयोजन ईशा आउटरीच कर रहा है जिसे भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठन (एनएसपीओ) के रूप में मान्यता दी गई है। इस महोत्सव को सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर कई दिग्गज अपना सपोर्ट दे चुके हैं।