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पुराना अपमान, नया बदला… जब सुंदरलैंड ने न्यूकैसल को उसी अंदाज में जवाब दिया, पढ़ें ऐतिहासिक तस्वीर की कहानी

प्रीमियर लीग डर्बी में सुंदरलैंड ने न्यूकैसल को 1-0 से हराकर दो साल पुराने अपमान का बदला लिया। मैच के बाद उसी अंदाज में टीम फोटो खिंचवाकर इतिहास दोहराया गया, जिसने फैंस के जज्बात भड़का दिए।

करीब दो साल पहले एफए कप में न्यूकैसल यूनाइटेड ने सुंदरलैंड को हराकर स्टेडियम ऑफ लाइट में अपने समर्थकों के सामने जीत की तस्वीर खिंचवाई थी। वह तस्वीर सुंदरलैंड के लिए अपमान की तरह थी, जिसे क्लब और उसके फैंस भूले नहीं थे। रविवार को जब दोनों टीमें प्रीमियर लीग में आमने-सामने आईं और सुंदरलैंड ने 1-0 से मुकाबला जीत लिया, तो इतिहास जैसे पलट गया। मैच के बाद सुंदरलैंड के खिलाड़ी और स्टाफ उसी पेनल्टी एरिया में इकट्ठा हुए और वैसी ही टीम फोटो खिंचवाई। गोलकीपर रॉबिन रूफ्स ने बताया कि ड्रेसिंग रूम में उस पुरानी तस्वीर का ज़िक्र हुआ था, जिसने खिलाड़ियों को अतिरिक्त प्रेरणा दी।

एक गोल, लेकिन मतलब बहुत बड़ा
इस डर्बी का फैसला सिर्फ एक गोल से हुआ, लेकिन उसका असर कहीं बड़ा था। न्यूकैसल के निक वोल्टेमाडे का हेडर उनके ही गोलकीपर एरन राम्सडेल के पास से निकल गया और वही गोल जीत की वजह बना। सुंदरलैंड के कप्तान ग्रानित झाका ने इसे “थोड़ा सा कर्मा” कहा। कोच रेजिस ले ब्रिस ने भी माना कि इस डर्बी की अहमियत पुराने खिलाड़ी ज्यादा अच्छी तरह समझते हैं। अंधेरा होते ही 47 खिलाड़ी और स्टाफ मैदान में जुटे और वही तस्वीर ली गई, जिसने दो साल पुराने जख्मों पर मरहम रख दिया।

बदला हुआ सुंदरलैंड, नई पहचान
माइकल बील के दौर की कमजोर सुंदरलैंड अब पीछे छूट चुकी है। प्ले-ऑफ के जरिए प्रीमियर लीग में वापसी के बाद टीम ने अपने पहले 16 मैचों में 26 अंक जुटा लिए हैं और क्रिसमस से पहले न्यूकैसल से ऊपर तालिका में पहुंच गई है। स्टेडियम ऑफ लाइट देर रात तक खाली नहीं हुआ, क्योंकि फैंस इस जीत के पल को छोड़ना नहीं चाहते थे। करीब 25 साल बाद पहली बार सुंदरलैंड ने दिसंबर के मध्य तक इतने प्रीमियर लीग अंक जुटाए हैं। हालांकि कोच ले ब्रिस ने साफ कहा कि आगे संयम जरूरी है, क्योंकि कुछ खिलाड़ी अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के लिए टीम से बाहर जाने वाले हैं।

लोकल जज़्बा, लेकिन मैदान पर बदला दौर
यह डर्बी अब पहले जैसी नहीं रही। मैदान पर सिर्फ दो लोकल खिलाड़ी थे और दोनों न्यूकैसल के, जबकि सुंदरलैंड ने पहली बार बिना किसी इंग्लिश खिलाड़ी के यह मुकाबला खेला। फिर भी स्टैंड्स में जुनून वही पुराना रहा। मैच से पहले क्लब लीजेंड गैरी रोवेल को श्रद्धांजलि दी गई, जिनके निधन से माहौल भावुक हो गया। पूरा स्टेडियम “वी ऑल लिव इन अ गैरी रोवेल वर्ल्ड” के गानों से गूंज उठा। विदेशी खिलाड़ियों से भरे इस मुकाबले का फैसला भी एक जर्मन खिलाड़ी ने किया, लेकिन भावनाएं पूरी तरह स्थानीय रहीं। यह जीत सुंदरलैंड के लिए सिर्फ तीन अंक नहीं, बल्कि इतिहास और सम्मान की वापसी बन गई।

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