कबड्डी

यू मुंबा के कप्तान सुनील कुमार ने गुरु को दी प्यारी सी भेंट, कही दिल छू जाने वाली बात

यू मुंबा के कप्तान सुनील कुमार अपनी स्किल के साथ ही अपने बड़े दिल के लिए भी जाने जाते हैं। अब खिलाड़ी ने अपने बचपन के कोच को 25 लाख रुपए का चेक भेंट किया है। जिसके चलते खिलाड़ी चर्चा में है। कबड्डी जगत में यू मुंबा के कप्तान सुनील कुमार का काफी नाम है। क्या है पूरी बात? जानिए..

सुनील कुमार ने कोच को भेंट किए 25 लाख

कबड्डी मैट पर यू मुंबा के कप्तान सुनील कुमार को उनकी डिफैंसिव स्किल के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी के साथ ही उनके सम्मान की भावना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने अपने गुरु के प्रति समर्पण की भावना दिखाई है। प्रो कबड्डी लीग की नीलामी के बाद स्टार डिफेंडर ने अपने बचपन के कोच भूपेंद्र मलिक को 25 लाख रुपए का चेक भेंट किया है। जिसकी काफी चर्चा भी हो रही है।

सुनील ने पोस्ट साझा कर कहा कि “भूपेंद्र मलिक मेरे बचपन के गुरु हैं। उन्होंने मुझे पहली बार कबड्डी से परिचित कराया।” खिलाड़ी की स्किल में कोच ने खास निभाई है। भूपेंद्र मलिक का कोचिंग के प्रति निस्वार्थ दृष्टिकोण हैं। वो 20-25 सालों से बिना किसी शुल्क के खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

खिलाड़ी ने कहा गुरु के प्रति समर्पण की भावना

इस चेक को छात्र और शिक्षक के बीच में आदान-प्रदान की भावना से ज्यादा उपहार भेंट कहा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, भूपेंद्र मलिक उदार उपहार स्वीकार करने के लिए अनिच्छुक थे, लेकिन सुनील अपने विश्वास में दृढ़ थे। जैसा कि रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ये केवल एक वित्तीय लेनदेन नहीं था। ये उनके गुरु द्वारा उनके लिए किए गए, हर काम के लिए सम्मान का भाव था। इस पल ने एक ऐसे गुरु- शिष्य के बीच सुंदर रिश्ते को दर्शाया जिसने सब कुछ दिया और एक ऐसे छात्र जिसने कभी अपनी जड़ों को नहीं भुलाया।

यू मुंबा के कप्तान सुनील कुमार ने जोर देकर कहा कि मैंने PKL में जो कुछ भी हासिल किया है, वो सब उनके प्रशिक्षण की वजह से है। उन्होंने आगे कहा कि उनके कोच ने उन्हें न केवल रक्षात्मक तकनीकें सिखाईं, बल्कि नेतृत्व कौशल भी सिखाया जिसने उन्हें लीग में सबसे दुर्जेय डिफेंडरों में से एक बना दिया है। ये पल खिलाड़ी के लिए काफी प्रेरणाभरा रहा है। सुनील कुमार ने कहा कि पहले कुछ भी नहीं था। अब पैसा आ गया है। नाम और शोहरत खिलाड़ियों को मिल गई है। दुनिया हम कबड्डी खिलाड़ियों को जानने लगी है।

सुनील ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मैंने अपने गुरु को सम्मान दिया है, उनकी संतुष्टि स्पष्ट थी। ऐसे युग में जहां सफलता अक्सर भूली हुई शुरुआत की ओर ले जाती है, सुनील कुमार का इशारा एक अनुस्मारक के रूप में है कि महानता उन लोगों को कभी न भूलने की नींव पर बनी है जिन्होंने पहले आप पर विश्वास किया था।