
भारत में हुआ कबड्डी का आविष्कार. जानिए क्या हैं इस खेल के नियम, जानिए सबकुछ विस्तार में…
कबड्डी भारत का खेल हैं, इसका आविष्कार देश में ही हुआ है। स्पोर्ट्स यूं तो ऊर्जा के लिए जाना जाता है। लेकिन कबड्डी के लिए खासतौर पर फिटनेस के साथ ही ऊर्जावान होना जरुरी है। क्या आप क्रिकेट के तो ज्यादातर नियमों से परिचित होंगे। लेकिन क्या आप कबड्डी के बारे में जानते हैं। इसके कितने नियम होते हैं, कितने खिलाड़ी होते हैं और कैसे खेला जाता है ये खेल, चलिए इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार में सबकुछ बताते हैं।
इन प्वाइंट्स में समझिए नियम
कबड्डी के नियमों को चलिए 6 प्वाइंट्स में समझते हैं
पहला- खेल का क्षेत्र
दूसरा- टीमें और नियम
तीसरा- हमलावरों का मकसद
चौथा- रक्षकों का मकसद
पांचवा- कबड्डी का समयाविधि
छटवां- बोनस प्वाइंट्स
खेल का क्षेत्र
सबसे पहले बात करते हैं कि खेल का क्षेत्र की। तो ये 13*10 मीटर के एक एरिया में खेला जाता है। जहां पर दो टीमें पार्टिसिपेट करती हैं। हर हाफ में एक टीम खेलती है। इसके अलावा, क्ले कोर्ट से लेकर हार्ड कोर्ट तक कई तरह की सतहें हैं। हर टीम में कुल 7 खिलाड़ी होते हैं, और दोनों टीमें मैदान के विपरीत हिस्सों पर खेलती हैं।
टीमें
अब बात करते हैं नियम के बारे में। सबसे महत्वपूर्ण नियम होता है कि हमलावरों को सांस लेते हुए बिना रुके ‘कबड्डी’ का नारा लगाना चाहिए। रेडर को विपरीत टीम के सदस्य को टैग करना चाहिए और अपने हाफ में वापस लौट जाना चाहिए। हर छापे के लिए 30 सेकंड का समय उपलब्ध है। साथ ही अगर खिलाड़ी ‘आउट’ हो जाते हैं जब कोई खिलाड़ी सांस लेने में असमर्थ हो जाता है या विरोधी टीम के सदस्य को टैग करने में असफल हो जाता है। अगर रेडर समय के भीतर अपने हाफ तक पहुंचने में विफल रहता है, तो वो आउट हो जाता है, तथा विरोधी टीम को एक अंक मिलता है। साथ ही अगर रेडर एक पैर से चेक लाइन पार करता है और दूसरा पैर हवा में रहता है, और बचाव करने वाली टीम के पास 6 या 7 डिफेंडर होते हैं, तो उन्हें बोनस अंक मिलता है।
अब बात करते हैं हमलावरों के मकसद की। तो जानकारी के मुताबिक, टैग किए गए खिलाड़ी की भूमिका हमलावर को पकड़ना और उसे मैदान के आधे हिस्से तक पहुंचने से रोकना है। इसमें एक अंक तब दिया जाता है जब डिफेंडर रेडर को वापस लौटने से रोकने के लिए उस पर हमला करता है। साथ ही डिफेंडर को पकड़ने की कोशिश में इतना समय इतना सतर्क रहना चाहिए कि वो मैदान की मध्य रेखा, जिसे ‘लॉबी’ कहते हैं, को पार न करें। अगर ऐसा होता है, तो ये फाउल हो सकता है। रक्षकों को हमलावरों को उनके कपड़ों, बालों या उनके अंगों और धड़ के अलावा शरीर के किसी भी भाग से नहीं पकड़ना चाहिए।
कबड्डी के मैच आमतौर पर 40 मिनट तक चलता है। इसके बाद हाफटाइम के बाद टीमें अपना पक्ष बदल लेती हैं। वहीं, कबड्डी में एक रेफरी, दो अंपायर , एक स्कोरर और एक सहायक स्कोरर होते हैं। इसमें रेफरी के पास किसी खिलाड़ी को चेतावनी देने का राइट होता है। हालांकि, अंपायर का फैसला ही आखिरी फैसला होता है।
कैसे मिलता है बोनस अंक
कबड्डी में बोनस अंक के बारे में बात करें, तो कोर्ट पर 6 खिलाड़ियों का उपस्थित रहना जरुरी होता है, बोनस लाइन पार करने पर रेडर को एक अंक मिलता है। वहीं, बचाव करने वाली टीम को हमलावर को टैकल करने पर एक अंक मिलता है। कबड्डी के लिए किसी खास साधन, कपड़े या सामान की आवश्यकता नहीं होती है।




